उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव फेडरेशन लि0

उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव फेडरेशन लि.

उत्तर प्रदेश सरकार

यू.पी.पी.सी.एफ. ऑनलाइन सॉफ्टवेयर (IFFCO)
ई- के.एस.के
सहायता- ई-के.एस.के.
उपलब्धियां

उर्वरकों का वितरण :

पी०सी०एफ० द्वारा कृभको, इफ्‌को, एन०एफ०एल० आदि उर्वरक निर्माताओं के उत्पादों की आपूर्ति सहकारी समितियों एवं पी० सी० एफ० में कृषक सेवा केन्द्र के माध्यम से सुनिश्चित की जाती है। इसी प्रकार समितियों की मॉग एवं सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप जिंक सल्फेट की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाती है।

बीज / कृषि रक्षा रसायन :

कृषि निवेशों के अन्तर्गत उ०प्र० बीज विकास निगम, कृभको, एन०एस०सी० से उच्च्तम प्रजाति के प्रमाणित बीज (रबी एवं खरीफ की फसलों के लिए) किसानों को शासन द्वारा अनुमन्य अनुदान घटाकर उपलब्ध कराये जाते है। फसलों की कीट-रोगों से सुरक्षा हेतु कृषि रक्षा रसायन आदि का वितरण सहकारी समितियों एवं पी०सी०एफ० कृषक सेवा केन्द्रों के माध्यम से किया जाता है।

कृषि उपजों का विपणन :

कृषकों को उनके उत्पादों का लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए संघ द्वारा अपनी विपणन शाखाओं एवं सहकारी क्रय-विक्रय समितियों के माध्यम से प्रदेश के अन्दर एवं अन्य प्रदेशों के सहकारी संघों व नैफेड के माध्यम से प्रदेश के बाहर कृषि उपजों का क्रय-विक्रय किया जाता है।

लेवीचीनी का वितरण :

पी०सी०एफ० द्वारा वर्ष १९८१ से विभिन्न चीनी मिलों से लेवीचीनी का उठान शर्करा निदेशालय, भारत सरकार के रिलीज आर्डर के अनुसार सुनिश्चित कर इसे जनपदीय गोदामों में भण्डारित किया जाता है। यहॉं से शासन द्वारा अधिकृत आर ०एफ ०सी० के माध्यम से यह चीनी सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत उपभोक्ताओ को वितरित की जाती है।

कोयला वितरण :

उ०प्र० शासन एवं कोल इण्डिया लि० की नीति के अनुसार पी०सी०एफ० पिद्दले लगभग ४० वर्षो से स्लैक कोयले की रैकों का आवंटन कराकर जिलाधिकारियों की संस्तुति के आधार पर अधिकृत ईंट भट्‌ठा मालिकों को कोयला उपलब्ध कराती थी। उ०प्र० शासन की वर्तमान नीति के अनुसार ई-ऑक्सन के माध्यम से कोल इण्डिया एवं उसकी सहयोगी संस्थाओं से कोयला प्राप्त किया जा रहा है। इस व्यवसाय के लिए धनबाद एवं कोलकाता में पी०सी०एफ० के कार्यालय स्थापित है।

मूल्य समर्थन योजना :

भारत सरकार एवं राज्य सरकार की मूल्य समर्थन योजना के अन्तर्गत केन्द्रीय एवं राज्य पूल में धान एवं गेहूॅं का क्रय पी०सी०एफ० द्वारा अपने कृषक सेवा केन्द्रों एवं सहकारी समितियों के माध्यम से किया जाता है। कृषि उपज का क्रय सीधे किसानों से किया जाता है एवं उन्हें चेक के माध्यम से तत्काल भुगतान कर दिया जाता है। क्रय किये गये खाद्यान्न का सम्प्रदान शासन के निर्देशानुसार भारतीय खाद्य निगम अथवा राज्य सरकार के नियंत्राणाधीन खाद्य विभाग / राज्य भण्डारण निगम आदि को किया जाता है।

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